ग्रामीणों का आरोप है कि जल निकासी के लिए लगाया गया एकमात्र ट्रैक्टर-पंप भी सामान समेटकर वापस लौट गया। इसके बाद जल निकासी की व्यवस्था ठप हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों और ठेकेदार को लगातार फोन करने के बावजूद समस्या के समाधान को लेकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा।
जलभराव के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी भी मुश्किल हो गई है। ग्रामीणों ने पेयजल में बदबू आने की शिकायत भी की है, जिससे बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीणों का सवाल है कि डीएम के सख्त निर्देशों के बावजूद सुमन नगर में जल निकासी की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? लोगों ने प्रशासन से तत्काल पंप लगाकर पानी की निकासी कराने और स्थायी समाधान की मांग की है।