मुख्य सचिव ने कहा कि तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस दौर में साहित्य की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। साहित्य व्यक्ति को चिंतन करने, प्रश्न पूछने और ज्ञान का विस्तार करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने छात्रों से पाठ्यक्रम से आगे बढ़कर साहित्य पढ़ने और निरंतर सीखने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि आधुनिकता को अपनाते हुए अपनी संस्कृति, परंपराओं और जड़ों से जुड़े रहना आवश्यक है। इस अवसर पर विद्यालय की 50 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा पर आधारित शॉर्ट फिल्म प्रदर्शित की गई, वहीं छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को यादगार बनाया।
कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, बीएचईएल के अधिकारी, डीपीएस रानीपुर के प्रबंधन, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक मौजूद रहे।