अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग रुड़की सुरेश तोमर ने बताया कि क्षतिग्रस्त एवं गड्ढायुक्त सड़कों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर कार्य कराया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा मौके पर लगातार निरीक्षण कर कार्य की प्रगति की निगरानी की जा रही है।
जिलाधिकारी ने निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं। सड़कों के गड्ढामुक्त होने से स्थानीय लोगों के साथ हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सड़कों को 15 अक्टूबर तक गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।