आंदोलनकारियों ने पुरानी पेंशन व्यवस्था को कर्मचारियों के भविष्य की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा बताते हुए इसकी बहाली की मांग की। वहीं शिक्षकों ने TET की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया और सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील की।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को मजबूती से रखा। संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।