याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि ग्राम समाज की भूमि का नियमों के विपरीत विनिमय कर बाद में प्लॉटिंग की गई तथा भूमि पर खड़े करीब 120 आम के पेड़ों सहित अन्य वृक्षों को हटाया गया। इसके बाद भूखंड तीसरे पक्षों को बेचे जाने की बात कही गई है।
मामले में हाईकोर्ट ने संबंधित भूमि पर किसी तीसरे पक्ष के पक्ष में नया हित सृजित नहीं करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 26 अक्टूबर 2026 को होगी। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता ब्रह्मचारी सुदानंद और गौरव ने पैरवी की। ग्रामीणों की ओर से अभिषेक प्रताप पाल (जोनी), उमेश कुमार, सूरज पाल और विनोद कुमार के प्रयास बताए गए हैं।