बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, व्यय और जनपद में विकसित किए जा रहे तीन ऑर्नामेंटल फिशरीज क्लस्टरों की जानकारी दी गई। इनमें एक क्लस्टर बहादराबाद और दो रुड़की क्षेत्र में स्थापित किए जा रहे हैं।
मुख्य विकास अधिकारी ने योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने, निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने और व्यय की प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने सजावटी मछली पालन को स्वरोजगार के अवसर के रूप में विकसित करने तथा अधिकाधिक युवाओं को इससे जोड़ने पर जोर दिया।
उन्होंने सफल मत्स्य पालकों की प्रेरणादायक कहानियों को समाचार पत्रों एवं अन्य माध्यमों से प्रचारित करने के निर्देश भी दिए, ताकि अधिक लोग मत्स्य पालन को आजीविका के बेहतर साधन के रूप में अपना सकें।