(कपिल कुमार) हरिद्वार। कांवड़ यात्रा में हर वर्ष आस्था के अनगिनत रंग देखने को मिलते हैं, लेकिन इस बार ग्राम खेड़ी शामली से निकली एक अनोखी कांवड़ श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। इस कांवड़ ने केवल भगवान शिव के प्रति भक्ति ही नहीं, बल्कि भारतीय पारिवारिक संस्कारों और मां के प्रति सम्मान की भी अनूठी मिसाल पेश की है। राहगीर इस दृश्य को देखकर रुक रहे हैं, तस्वीरें और वीडियो बना रहे हैं तथा बेटे-बहू के इस समर्पण की सराहना कर रहे हैं। सुबोध कुमार अपनी पत्नी प्रिया के साथ पूरा महादेव के लिए कांवड़ लेकर जा रहे हैं। कांवड़ के एक ओर करीब 60 लीटर गंगाजल रखा है, जबकि दूसरी ओर उनकी माता एवं प्रिया की सास राजकली सम्मानपूर्वक विराजमान हैं। बेटा और बहू दोनों मिलकर कांवड़ को अपने कंधों पर उठाए हुए हैं। यह दृश्य उन धारणाओं को भी चुनौती देता है कि विवाह के बाद बहुएं सास से दूरी बना लेती हैं। प्रिया ने अपनी सास को मां का दर्जा देकर यह संदेश दिया है कि रिश्ते खून से नहीं, बल्कि सम्मान, सेवा और संस्कारों से मजबूत होते हैं। उनकी यह कांवड़ आज समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।
एक तरफ 60 लीटर गंगाजल, दूसरी तरफ मां/सास ऐसी कांवड़ जिसने जीत लिया सभी का दिल
Bharat Bulletin Admin · हरिद्वार ·